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दुनिया भर में लोगों के जेहन में किसी भी सुनसान या पुरानी इमारत, खंडहर आदी को देखकर एक अजीब एहसास तो जरूर होता है। जहां भी हम कहीं कोई सुनसान इमारत देखते है तो हमारे दिमाग उस इमारत मे रहने वाले लोंगों के बारे जानने की जिज्ञासा जाग उठती है। कभी-कभी ऐसी जगहों पर लोग किसी आत्‍मा, रूह या भूतों को देखने का भी दावा करते है।



जो लोग इन पर विश्‍वास करते हैं वो तो इसे मान लेते हैं, लेकिन जो नहीं करते उनके लिए वो महज एक पुरानी इमारत होती है। लेकिन यह सच है कि दुनिया में हर वर्तमान का भूतकाल होता है और सबका कुछ ना कुछ इतिहास होता है। और जहां तक रही बात भूत, प्रेत या रूहो कि तो वो भी हम इंसानों की ही तरह इस वायुमंडल में रहते हैं। बस अलग होता है तो उनका रहने का तरीका। आज हम आपको अपनी सीरीज की इस कड़ी में लंदन के टावर के बारे में बताऐंगे। एक ऐसी इमारत जो जीत की निशानी के तौर पर बनी लेकिन मौत का महल बन गयी।



लंदन ऑफ टावर का इतिहास लंदन ऑफ टावर, लंदन शहर के बीचों बीच खड़ी एक पुरानी इमारत है। लगभग 1,000 वर्ष पुरानी इस इमारत की भी अपना एक अलग इतिहास है और कहानी है। जो कि इसमें रहने वालों की मौत की कहानी है। इस इमारत में मौत, फांसी, हत्‍या, और अत्‍याचारों की ऐसी ऐसी वारदाते हुयी है जो आज तक महसूस की जाती है। इस इमारत की दिवारों में आज भी मौत की उन चींखों को आसानी से महसूस किया जा स‍कता है।





ब्रिटेन की राजधानी लंदन के बीचों बीच थेम्‍स नदी के किनारे यह भव्‍य इमारत स्थित है। इस इमारत का निर्माण सन 1078 में विलियम ने कराया था। इस इमारत को बनवाने में फ्रांस से बेशकिमती संगमरमर और पत्‍थरों को मंगवाया गया था। इस इमारत का परिसर बहुत बड़ा है और इस परिसर में और भी कई इमारते हैं। एक शानदार समय था जब यह ब्रिटेन का शाही महल था। आपको बता दें कि अपने दौरा में यह इमारत राजसी बंदियों के लिए कारागार भी थी और यह महल अनेक मृत्‍युदंड तथा हत्‍याओं का साक्षी रहा है।



इस इमारत में यहां के राज परिवार के लोगों के ही खुन के छिटे हैं जो कभी-कभी इंसानी दुनिया में लोगों को कुछ महसूस करा देते हैं और लोग उन्‍हें भूत, प्रेत और रूहों का नाम दे देते हैं। इस इमारत में सिर कलम करना भी एक सजा के तौर पर प्रयोग की जाती थी। हेनरी अष्‍ठम जिसका जन्‍म 28 जून सन 1491 में हुआ था एक ऐसा पराक्रमी और कठोर शासक जो कि अपने जन्‍म से लेकर अपने मौत तक लंदन का शासक बना रहा।



टावर आफ लंदन में इस शासक के कारनामें बहुत थे लेकिन जो अविष्‍मरणीय था वो कुछ ऐसा था। हेनरी अपने जन्‍म के बाद समयानुसार बड़ा हुआ वह वहुत ही पराक्रमी और तेज था। वे लॉर्ड ऑफ आयरलैंड तथा फ्रांस के साम्राज्य के दावेदार थे। हेनरी हाउस ऑफ ट्युडर के द्वितीय राजा थे, जो कि अपने पिता हेनरी सप्तम के बाद इस पद पर आसीन हुए।



अपने छः विवाहों के अलावा, हेनरी अष्टम चर्च ऑफ इंग्लैंड को रोमन कैथलिक चर्च से पृथक करने में उनके द्वारा निभाई गई भूमिका के लिये भी जाने जाते हैं। हेनरी की कठोरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपनी दूसरी पत्‍नी को खुद ही मौत की सजा सुना दी। हेनरी की पहली पत्‍नी एनारान की कैथरीन थी और दूसरी पत्‍नी मशहूर ऐनी बोलिन थी। हेनरी को उस समय एक उत्‍तराधिकारी यानी की बेटे की जरूरत थी।



उस समय ऐनी बोलिन गर्भवती थीं, लेकिन ऐनी को डर था कि कहीं पूर्व की भांती इस बार भी कोई अप्रिय घटना न घटित हो जाये। लेकिन वही हुआ जिसका डर था। एलिन का गर्भपात हो गया जो कि राजा हेनरी को नगवार गुजरा और उसने ऐनी को मौत की सजा सुना दी। इस घटना के बाद ऐनी खास फ्रासिंसी अंदाज में मौत को गले लगाया और ग्रिन टावर (टावर ऑफ लंदन का एक हिस्‍सा) पर घुटने के बल बैठ गयी और एक बडे़ से फरसे से उनका सिर कलम कर दिया गया।



ऐनी की मौत के बाद भी हेनरी ने अपनी एक और पत्‍नी का सिर कलम करवाया था। ऐसा माना जाता है कि आज भी ऐनी का भूत टावर ऑफ लंदन में भटकता रहता है। एक बार की बात है टावर ऑफ लंदन के एक चौकीदार ने कुछ ऐसा मंजर देखा था। चौकीदार के अनुसार 12 फरवरी सन 1957 में सर्दियों की रात थी और वो टावर के परिसर में रखवाली कर रहा था तभी उसने ग्रीन टावर के पास किसी सफेद साये को देखा।



जो कि देखने में एकदम रानी की ही तरह लग रही थी। लेकिन उसका सिर उसके धड़ पर नहीं था ब्‍लकी वो अपने सिर को अपने दायें हाथ में पकड़ी हुयी थी। चौंकाने वाली बता यह थी कि वो तारिख भी वहीं थी यानी की 12 फरवरी जो कि सन 1554 में थी और हेनरी ने अपनी दूसरी रानी लेडी जेन ग्रे का सिर कलम करवाया था। इसके अंलावा ऐनी बोलिन और लेडी जेन ग्रे अकसर लंदन के उस भव्‍य टावर में देखी जाने लगी।



टावर के बारें में भूत प्रेत की धारणा



हेनरी अष्‍ठम के इस खौफनाक कारनामें ने जहां लोगों को जिंदगी से दूर कर दिया वहीं इस इमारत को एक अविस्‍मरणीय इतिहास भी दे दिया। ऐनी बोलिन और जेन ग्रे के अलांवा भी अन्‍य कई लोगों की रूहें इस टावर में बेखौफ घुमती रहती हैं। सन 1541 में एक शाही कर्मचारी को मौत की सजा सुनायी गयी थी उस पर आरोप था उसने बही खातों के साथ छेड़छाड की थी। इसके लिए उसे कुलहाडियों से काट कर मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसा माना जाता है कि वो निर्दोष था। वो कर्मचारी आज भी इस टावर के प्रशासनिक भवन मे भी उसे देखा जाता है उसका शरीर क्षत विक्षत होता है और उसके हाथ में एक कुलहाड़ी होती है।



टावर में भालू



इस टावर में बहुत सारी अजीबो गरीब चीजें आप देख सकते हैं। यहां जानवरों को बांध कर रखा जाता था और महज मनोरंजन के लिए उन्‍हे पाला जाता था। ऐसा बताया जाता है कि टावर में एक भालू का भी भूत देखने को मिलता है। सन 1251 में हेनरी तृतीय को नार्वे के राजा ने उपहार के रूप में एक ध्रू‍विय भालू दिया था। इस भालू को टेम्‍स नदी के किनारे से मछलियों को खाना दिया जाता था। कुछ सालों के बाद उसे महल से हटा दिया गया जहां उसकी मौत हो गयी। आज भी इस टावर में कभी कभी परिसर में इस भालू की छाया को घुमते हुए देखा जाता है।



टावर के संरक्षक कौवे



यह सुनकर आपको अजीब लगेगा कि इतनी बड़ी इमारत के संरक्षक भला कौवे कैसे हो सकते है। लेकिन यह सत्‍य है इस टावर की सुरक्षा यहां 8 कौवों के कंधों पर है। ऐसा माना जाता है कि जिस दिन ये कौवे इस टावर को छोड़कर कहीं और चले जायेंगे उस दिन यह टावर अपने आप ही धवस्‍त हो जायेगा। इन कौवों की स्‍वास्‍थ और सुरक्षा का भी खास ख्‍याल रखा जाता है। यह कौवे बहुत सालों से यहां रहते है इनमें से एक की मौत 44 साल की उम्र में हुयी थी।



इमारत के कैदी और यातनाएं



यह इमारत हजारों कैदियों उनकी सजा और उनके मौत की गवाह है। यहां हम आपको कुछ खास कैदियों के नाम बता रहे है जो कि आज से लगभग 900 साल पहले इस इमारत की जेल में बंद थे। इस इमारत में राजघराने से लेकर संतों तक को कैदी बनाया गया था। जैसे कि रेनाल्‍फ फ्लेमबर्ड जो कि एक मंत्री थे, स्‍काट के राजा जॉन बालिओल, जार्ज ड्यूक राजा का भाई, एडवर्ड पंचम राजकुमार, एन्‍ने एसक्‍यू महिला कैदी, हीव ड्रैपर जादूगर, जॉन गेरार्ड संत, सर वाल्‍टर रालेग दरबारी कवि, सर एवेरार्ड डिग्‍बी महान कैथोलिक। ये ऐसे लोग थे जिन्‍हे इस इमारत में अलग अलग जगहों पर कैद कर के रखा गया था।



इमारत में कैदियों के साथ भयानक यातनाए दी जाती थी। कभी कभी कैदियों के जिन्‍दा जलाया जाता था और उनके शरीर को टुकड़ो में काट काट कर फेक दिया जाता था। इतना ही नहीं कुछ कैदियों के साथ इससे भी भयानक सूलूक किया जाता था जैसे कि उनके गुप्‍तांग काट दिये जाते थे और उन्‍हे जमीन पर लिटा कर उनकी आंते एक यन्‍त्र से बाहर की तरफ निकाली जाती थी उस वक्‍त कैदी जिन्‍दा ही रहता था और सिवाये अपनी आंखों के सामने आंतों को निकलता देख और कुछ नहीं कर सकता था।



लंदन में स्थित यह इमारत इसमें मरने वाले रूहो से भरी पड़ी है। आप इन्‍हे कभी भी देख सकते है। इस इमारत को अब दुनिया भर के लोगों को दिखाने के लिए एक टूरिस्‍ट प्‍लेस के तौर पर शुरू किया गया है। आप टिकट लेकर इस इमारत में इन रूहो को महसूस कर सकत है और एक रोमांचक दुनिया की यात्रा कर सकते है। यह इमारत आपको उस दौर में ले जाने के लिए सक्षम है।



कैसे करे यात्रा



इसके लिए आप या तो लंदन जाकर टिकट बुक कराये या तो आप आनलाईन भी अपना टिकट बुक करा सकते है। इस टावर की अपनी खुद की आफिशियल वेबसाईट है जो कि आपको पुरी जानकारी देगी। टावर को घुमने का समय- मंगलवार से बुधवार 9 बजे से लेकर 5:30 बजे तक और रविवार से सोमवार 10 बजे से लेकर 5:30 बजे तक का है।

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